Poem
बदलाव की कोशिश है जारी...
देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
फागुन में प्रेम की होरी गोपाल कृष्ण व्यास मधुमास की मृदुल बेला में, मंद-मंद मुस्काए फागुन। चंपा-चमेली की सुरभि संग, प्रेमिल पवन सुनाए गुनगुन॥ कुंज…
Read moreयह रचना हिंदी में लिखी गई "काव्यांजलि" नामक कविता है, जो दिनेश बिश्नोई नामक एक शहीद सैनिक को समर्पित है। यह कविता सैनिक के अंतिम विचारों, द…
Read moreनव प्रभात डॉ. राजीव जैन नई शुरुआत की बेला में, नव संकल्पों का उजास, आशा की उजली रेखाएं, रचती मन में नव आकाश। बीते पलों की धूल झाड़कर, स्मृतियों क…
Read moreदिसम्बर पवन सैन 'मासूम' वर्ष जो चलते चलते थक गया है, सुस्ता रहा है, अपनी अन्तिम संतान की बांहों की परिधि भीतर। दिसम्बर की चर्म अट चुकी है ग…
Read moreयह पंक्तियां साहिर लुधियानवी द्वारा लिखी गई मशहूर कविता "कभी कभी" का हिस्सा हैं । इसमें कवि कल्पना करता है कि अगर जीवन के दुख और निराशा को…
Read moreसावन को आने दो प्रियंका सौरभ सावन को आने दो, बूंदों को गाने दो, मन के सूने कोनों में हरियाली छाने दो। भीगी धूप में खिलती मुस्कानें हों, तन क्या, मन भ…
Read moreओम जय वृक्ष देवा, स्वामी जय वृक्ष देवा मधुर मधुर फल दाता, शीतल छांव दाता ओम जय वृक्ष देवा... तुम धरती के रक्षक, तुम प्राण वायु दाता स्वस्थ सुखी हो स…
Read moreहैलो, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं एक बहुत ही खूबसूरत कविता सहयात्री। जिसको वीरेंद्र नारायण झा ने लिखा है। इन्होंने कविता के मध्यम से किसी भी प्रकार की…
Read moreहमने सुना था एक है भारत सब मुल्कों से नेक है भारत लेकिन जब नजदीक से देखा सोच-समझकर ठीक से देखा हमने नक्शे और ही पाए बदले हुए सब तौर ही पाए एक से एक क…
Read moreउम्र के पड़ाव से, एक साल गुजर रहा कैलेंडर के पन्नों से, फिर दिसम्बर उतर रहा दिल में कुछ अरमान लिए, उम्र को थामे हुए वक्त का रेत मुट्टी से, फिर निकल…
Read moreहैलो दोस्तों, सर्दी को मौसम शुरू हो गया है और जैसे ही सर्दियां शुरू होती है अलाव की जरूरत हर किसी को महसूस होती है और हो भी क्यों नहीं इससे सर्दी काफ…
Read moreहैलो दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आए है हम सभी जीवन पर आधारित एक बहुत सुन्दर कविता। जो आज के भागदौड़ भरी जिंदगी को चरितार्थ करती है और साथ यह भी बतात…
Read moreहैलो दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं पानी की कविता, जिसमें बताया गया है कि पानी जहां पर होता है उसका रंग वैसा ही हो जाता है, अर्थात उसका व्यवहार …
Read moreहैलो फ्रेंड्स, आपका हमारे ब्लॉक में एकबार फिर से स्वागत है, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं पर्यवारण दिवस के मौके पर उससे जुड़ी एक कविता, जिसको गोविन्द सि…
Read moreहैलो फ्रेंड्स, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं एक शानदार ग़ज़ल, जिसको लिखा है "निश्चल अजवानी गाफिल" ने, और यह आपको काफी पसंद आएगी। गजल निश्चल अ…
Read moreहैलो फ्रेंड्स, आज हम आपके लिए लेकर आए है गणतन्त्र दिवस के मौके पर गण और तंत्र कविता। जिसको लिखा है सुरेन्द्र कौर खन्डूजा ने। गण और तंत्र सुरेन्द्र …
Read moreहैलो फ्रेंड्स, आज हम आपके लिए लेकर आए है सीजन सेल का कविता, जो की ईयर एंड पर सभी कंपनियों द्वारा जाने वाली सेल पर आधारित है, जिसको शिवांश पाराशर &quo…
Read moreहैलो फ्रेंड्स, आज हम आपके लिए आए हैं, ईश्वर को समर्पित कविता, जिसको लिखा है धर्मराज भारत ने, इन्होने परमात्मा विश्व की प्रत्येक चीज में बताया है। हे…
Read moreहैलो फ्रेंड्स, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं दीवानगी, जो की हर किसी में किसी न किसी चीज को लेकर होती। ऐसी ही कविता सी.एस. शर्मा लिखी है, जिसमें उन्होंने…
Read moreहैलो फ्रेंड्स, आपका हमारे ब्लॉग में एक बार फिर से स्वागत है, आज हम आपके लिए लेकर आए मॉनसून को लेकर एक नई पोस्ट बरसो बादल, जिसको राजेश्वर सिंह ने लिखा…
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देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
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