होली के दोहे

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होली के दोहे

हैलो दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आए है होली स्पेशल, इस पोस्ट पढ़ेंगे होली के दोहे, जो आपको काफी पसंद आएंगे। आप सभी को हमारी ओर से होली की ढेर सारी शुभकामनाएं...

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होली के दोहे 

चहका है मधुमास
शिवचरण चौहान

मंद-मंद बहने लगी, अब फागुनी बयार
अंग-अंग में टीस की, चटक चुभी कचनार।

पोर-पोर मेहंदी रचे, कोर काजली रेख
बौराया मौसम पढ़े, खुशबू के आलेख।

चुहल करे पछुआ हवा, छेड़े अल्हड़ धूप
कितना फीका बिन तेरे, ये यौवन ये रूपा।

तन फागुन मधुमास मन, सांस श्रावणी गंध
अधरों छाए प्रीति की, कविताओं के छंद।

गली-गली झंकृत हुए, बांसुरी ढपली ढोल
उड़े हवाओं फाग के, मिसरी घुले बोल।

आन कुंज महका हुआ, दहका हुआ पलाश
बहके-बहके गांव बीच, चहका है मधुमासा

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