Poem
बदलाव की कोशिश है जारी...
देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
फागुन में प्रेम की होरी गोपाल कृष्ण व्यास मधुमास की मृदुल बेला में, मंद-मंद मुस्काए फागुन। चंपा-चमेली की सुरभि संग, प्रेमिल पवन सुनाए गुनगुन॥ कुंज…
Read moreअब होली आई होली आई - कर्नल कौशल मिश्र - ढप चंग ढोल सब बजने लगे, अब होली आई होली आई। गांवों से लेकर शहरों तक, सतरंगी रंगों की बहार आई। मद मस्त ह…
Read moreप्रेम-रंग से रंग दो अशोक आनन वसन मन के कोरे हैं - प्रेम-रंग से रंग दो। कोरी रंग से रहे न- रंग जाए मन-फरिया। रंग घुल -घुल बहने लगे - मन में सतरंगी द…
Read moreहैलो दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं होली स्पेशल, इस पोस्ट पढ़ेंगे बुंदेली फाग-ऐसे रंग के बादर वरसें, आई जो प्यारी होरी और जरा हंस ले यार (साइलें…
Read moreहैलो दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं होली स्पेशल, इस पोस्ट पढ़ेंगे होली के दोहे, जो आपको काफी पसंद आएंगे। आप सभी को हमारी ओर से होली की बहुत बहुत…
Read moreहैलो दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आए है होली स्पेशल, इस पोस्ट में है होली का भोजपुरी रंग और होली की तुक्के लेकर आए हैं जो आपको पसंद आएगी। आप सभी को ह…
Read moreहैलो दोस्तों, आज हम आपको ऐसी विचित्र होली के बारे में बता रहे जो पूरे देश में केवल बनारस में खेली जाती है। ये होली है श्मशान की चिता की भस्म से खेली …
Read moreहैलो दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आए है होली स्पेशल, इस पोस्ट में है होली का राजस्थानी रंग और होळी री प्रीत कविता लेकर आए हैं जो आपको पसंद आएगी। आप स…
Read moreहैलो दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आए है होली स्पेशल, इस पोस्ट पढ़ेंगे होली के दोहे, जो आपको काफी पसंद आएंगे। आप सभी को हमारी ओर से होली की ढेर सारी श…
Read moreकौन रंग फागुन रंगे, रंगता कौन वसंत प्रेम रंग फागुन रंगे, प्रीत कुसुंभ वसंत चूड़ी भरी कलाइयां, खन के बाजू-बंद, फागुन लिखे कपोल पर, रस से …
Read moreपिचकारी भूली शरम सारी… फागुन की फगुनाई बागों में है अमराई वासंती हवा बौराई भांग पीके होली में। भर-भर पिचकारी भूली है शरम सारी भीगा-भीग…
Read moreमुझे तो जलना है... होली पर लकड़ियों का अभाव खटक रहा था, मैं मुहल्ले के बच्चों की टोली के साथ होलिका के लिए जंगल में भटक रहा था अचानक ए…
Read moreतोड़ सकल अनुबंध तू होली की डोली उठी, मौसम बना कहार। दिन कबीर गाते मिले, रातों जगा मल्हार।। फागुन उतरा गांव में, भीतर खिला वसंत। रातें सतव…
Read moreहोली है तो आज अपरिचित से परिचय कर लो यह मिट्टी की चतुराई है, रूप अलग औ' रंग अलग, भाव, विचार, तरंग अलग हैं, ढाल अलग है ढंग अलग, आजाद…
Read moreहोली की बहार हिंद के गुलशन में जब आती है होली की बहार। जांफिशानी चाही कर जाती है होली की बहार।। एक तरफ से रंग पड़ता, इक तरफ उड़ता गुला…
Read moreहोली धूलण्डी गई, गया गीत धमाळ। त्यारी मेळा की करो, बणा चूरमूं दाळ। दर्शन नारायण दास जी का करे, …
Read moreहोली की हर्षित बेला पर, खुशियां मिले अपार। यश, कीर्ति, सम्मान मिले, और बढ़े सत्कार। शुभ-शुभ रहे हर दिन हर पल, …
Read moreनफ़रत की होली मत खेलो, प्यार के रंग में रंग जाओ.! जात-पात के रंग न घोलो, मानवता में रंग जाओ.! भूख-गरीबी का दहन करो, भाई चारे में रंग जा…
Read moreमथुरा की खुशबू,गोकुल का हार, वृन्दाबन की सुगंध,बरसाने की फुहार राधा की उम्मीद, कान्हा का प्यार, मुबारक हो आपको होली का त्य…
Read moreपिचकारी की धार, गुलाल की बौछार, अपनों का प्यार, यही है यारों होली का त्योहार होली की हार्दिक शुभकामनाएं यह भी पढ़ें होली के भोजपुरी रं…
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देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
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