Poem
बदलाव की कोशिश है जारी...
देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
उम्र के पड़ाव से, एक साल गुजर रहा कैलेंडर के पन्नों से, फिर दिसम्बर उतर रहा दिल में कुछ अरमान लिए, उम्र को थामे हुए वक्त का रेत मुट्टी से, फिर निकल…
Read moreहेलो फ्रैंड्स, आपके लिए लेकर आए हैं जनवरी से शुरू होकर दिसम्बर में साल के पूरे होने पर लिखी गई एक खूबसूरत कविता। अपने साल को दोनों माह के संबंध को बढ…
Read moreहेलो फ्रैंड्स, आज हम आपके लिए लेकर आए है बहुत ही खूबसूरत कविता, जो इस जाते हुए साल पर है, इस इस बीतते वर्ष की कुछ खट्टी, कुछ मीठी यादों को संजोए हैं…
Read moreहेलो फ्रैंड्स, आज हम आपके लिए लेकर आए है, जाते हुए इस साल के इस दिसम्बर माह और आने वाले साल के जनवरी माह के बीच के संबंध को दर्शाने वाले एक कविता। ह…
Read moreहैलो फ्रेंड्स, सबसे पहले तो आप सभी को नए साल की ढेर सारी शुभकामनाएं, और आप सभी को हमारे साथ जुड़े रहने के लिए धन्यवाद। आज हम आपके लिए लेकर नए साल की …
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देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
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