Poem
बदलाव की कोशिश है जारी...
देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
लाजवाब देखी हैं ऐसी शोखियां उसके शबाब में सारे जवाब मिल गए उस लाजवाब में देखे चमन में फूल कई बू-ओ-रंग के सब जैसे आ के मिल गए इक गुलाब …
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देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
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