Poem
बदलाव की कोशिश है जारी...
देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
आज हम आपको एक छोटी सी कहानी के माध्यम से बातने जा रहे हैं कि ये आरक्षण क्या है? ये कहानी किसी ने हमारे को भेजी है। इसके द्वारा आपको समझ में आ जा…
Read moreये कविता किसी दोस्त द्वारा फेसबुक पोस्ट की गई कविता के जवाब में लिखी गई है। जिसने अपनी कविता के माध्यम से कुछ लोगों पर कठोर प्रहार किया था। उसकी…
Read moreहमें आरक्षण से कोई आपत्ति नहीं है! समस्या तो यह है कि... जिसको आरक्षण दिया जा रहा है , वो सामान्य आदमी बन ही नहीं पा रहा है ! …
Read moreये कविता किसने लिखी है, मुझे नहीं मालूम, पर जिसने भी लिखी है उसको नमन करता हूं। आरक्षण के मुद्दे पर बहुत ही प्रभावी अभिव्यक्ति है... करता हू…
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देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
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