Poem
बदलाव की कोशिश है जारी...
देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
शब्दों की अनुभूति कविता जो कह दिया वे शब्द थे जो नहीं कह सके वो अनुभूति थी। और, जो कहना है मगर कह नहीं सकते, वो मर्यादा है। जिंदगी..…
Read moreटूट सकते हैं मगर हम झुक नहीं सकते। सत्य का संघर्ष सत्ता से, न्याय लड़ता निरंकुशता से, अंधरे ने दी चुनौती है, किरण अंतिम अस्त होती है। दीप…
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देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
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