Poem
बदलाव की कोशिश है जारी...
देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
दुनिया की बिसात पर प्रेम अतुल चतुर्वेदी कौन कहता है दुनिया की बिसात पर जीता है प्रेम उसे तो हमेशा घृणा के प्यादों ने षड्यंत्र के घोड़ों ने चतुर ढाई…
Read moreमित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं मन से मन का मेल बस दोस्त वही बन जाता है उम्र का ना हो कोई बंधन बस साथ उसी का भाता है जीवन की हर मुशिकल में जो भी …
Read moreआज हम आपके लिए लेकर आए हैं आपके बेस्ट फ्रेंड के लिए कुछ चंद लाइनें। जो आपकी और आपके दोस्त की जिन्दगी की कुछ नोकझोक के बावजूद सटीक बैठती है। ये वही दो…
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देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
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