Poem
बदलाव की कोशिश है जारी...
देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
हमने सुना था एक है भारत सब मुल्कों से नेक है भारत लेकिन जब नजदीक से देखा सोच-समझकर ठीक से देखा हमने नक्शे और ही पाए बदले हुए सब तौर ही पाए एक से एक क…
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देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
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