Poem
बदलाव की कोशिश है जारी...
देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
शब्दों की अनुभूति कविता जो कह दिया वे शब्द थे जो नहीं कह सके वो अनुभूति थी। और, जो कहना है मगर कह नहीं सकते, वो मर्यादा है। जिंदगी..…
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देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
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