पति (पत्नी से) : तुम मुझें जुआं खेलने से नहीं रोक सकती!
आखिर युधिष्ठिर भी तो जुआं खेलता था।
पत्नी (पति से) : नहीं रोकूंगी!, लेकिन याद रखना कि द्रौपदी के भी पांच पति थे।
Poem
देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
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