Poem
बदलाव की कोशिश है जारी...
देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
आसमान में सिर उठाकर घने बादलों को चीरकर रोशनी का संकल्प लें अभी तो सूरज उगा है। दृढ़ निश्चय के साथ चलकर हर मुश्किल को पार कर घोर अंधेरे को…
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देर रात तक करवटें बदलता है अनशन पर बैठा उत्साही बूढ़ा थकी हुई है निर्बल क…
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